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प्रेम से बोलो
जय माता दी
जय माता दी
माँ वैष्णो देवी के परम भक्त प्रभुजी गुरूजी द्वारा प्रेत बाधा, जादू टोना ,मुठ करनी ,व्यापार-व्यवसाय , विवाह संबंधी, संतान प्राप्ति , प्रेम विवाह ,आर्थिक एवं मानसिक परेशानी ,शारीरिक परेशानी , पानी जांचने , गड़ा धन जांचने के लिए संपर्क करें।
प्रभुजी गुरूजी को चमत्कारिक शक्ति प्राप्त होने की अद्भुत कथा
माँ वैष्णव के प्रकट होने एवं गुरूजी को प्राप्त शक्ति इंदौर (म.प्र ) भारत में निवास करने वाले प्रभुजी गुरूजी पर माँ वैष्णव देवी की असीम कृपा हैं , इन्ही की कृपा से वे सभी समस्याओ का समाधान करते हैं , गुरूजी को शक्तियां प्राप्त हुई हैं ,उसकी भी बड़ी अद्भुत कथा हैं | प्रभुजी गुरूजी का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ हैं ,उनका बचपन से ही धार्मिक रुझान रहा हैं वे एक सामान्य व्यक्ति की तरह जीवन -यापन कर रहे थे , लेकिन उनके विवाह के पश्चात चैत्र नवरात्री में उनपर अद्भुत स्थान के बारे में बताने लगे ,जहाँ माँ वैष्णव प्रकट हुई हैं जिसके बारे में ना तो वे स्वयं जानते थे, ना ही उनके परिवार के लोग |
पूजा पाठ
- पानी जांचना , गड़े धन की खोज
- संतान प्राप्ति में समस्या
- मुठ करनी
- पति पत्नी में मतभेद
- व्यापारिक एवं आर्थिक समस्या
- प्रेम तथा शादी संबंधित समस्या
- प्रयास के बाद भी सफलता न मिलना
- पढ़ाई में मन न लगना और मन भटकना
- आर्थिक समस्या
- स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या
- जादू टोना
- बार बार दुर्घटना और बीमार होना और दवाईयों का प्रभाव न पड़ना
अन्य सेवाएं
प्रेत बाधा
ग्रहदोष
आर्थिक समस्या
मानसिक समस्या
अवार्ड
प्रेस मीडिया
गौशाला
माँ वैष्णव देवी के परम भक्त प्रभुजी गुरूजी द्वारा
गिर गौ-शाला
गायो की सेवा करो, रोज नवाओ शीष ।
खुश होकर देगी तुम्हे वे लाखों आशीष ||
करो सेवा गो के लिये चारे जल की ।
हो जायेगी जीवन की समस्याएँ बड़ी हल्की
खुश होकर देगी तुम्हे वे लाखों आशीष ||
करो सेवा गो के लिये चारे जल की ।
हो जायेगी जीवन की समस्याएँ बड़ी हल्की
गौ- माता से जुड़ी कुछ रोचक एवं महत्वपूर्ण बातें
- पौराणिक ग्रंथों एवं मान्यता अनुसार गौ-माता की उत्पत्ति समुद्र मंथन के द्वारा हुई थी
- हिन्दू धर्म के अनुसार गाय के शरीर में 36 करोड़ (36 कोटी) देवी-देवताओं का वास माना गया है। इसलिए गौ-सेवा करने मात्र से सभी की सेवा का फल मिल जाता है
- गौ-रक्षा एवं गौ-सेवा हिन्दूओं का धर्म ही नहीं बल्कि परम कर्तव्य हैं, क्योंकि हम हमेशा गौ-माता के उपकारों के ऋणी रहेंगे।
- गौ-माता के बिना संसार की रचना अधूरी है।
- गौ-माता 14 रत्नों में एक महत्वपूर्ण रत्न हैं।
- शास्त्रों के अनुसार गौ-माता के पैरों में तीर्थ होता है
- हिन्दू धर्म में गाय को एक पशु की तरह नहीं बल्कि माता के रूप में माना जाता है।
- गौ-माता के पंचगव्य के बिना पूजा-पाठ, हवन असफल माने जाते हैं
- गौ-माता से प्राप्त दूध-घी-दही-मक्खन, गौ-मुत्र गोबर से बने पंचगव्य हजारों रोगों की दवा है। इसके सेवन से असाध्य रोग मिट जाते है।
- गौ-माता को चारा खिलाने से तैतीस कोटी देवी-देवताओं को भोग लग जाता हैं।
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माँ वैष्णव देवी के परम भक्त प्रभुजी गुरूजी द्वारा
प्रभुजी गुरुजी परमार्थिक ट्रस्ट (समाज सेवा समिति)
- भूखों को खाना खिलवाना।
- सर्व शिक्षा अभियान ।
- असहाय छात्र-छात्राओं को शिक्षण शुल्क में मदद करना।
- जरुरत मंदों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवाना।
- निराश्रित एवं असहायों की मदद करना।





