प्रेत बाधा
भूत बाधा से परेशान व्यक्ति का इलाज इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूत बाधा से परेशान व्यक्ति का पाला किसी स्तर की नकारात्मक शक्ति से पड़ा है | अगर नकारात्मक शक्ति, बेहद ताकतवर है तो उसे दूर करने का प्रयास भी ताकतवर करना होता है और अगर नकारात्मक शक्ति, कमजोर है तो केवल मामूली दवाओं के खिलाने से भी आराम मिल जाता है !जो व्यक्ति नियमित रूप से अपने माता पिता की सेवा करते हैं, दूसरों को सताते नहीं हैं, मानसिक रूप से मजबूत होते हैं और ईश्वर की अखण्ड शक्ति में विश्वास करते हैं, उन्हें जल्दी कोई भूत बाधा परेशान नहीं कर पाती |लेकिन जो व्यक्ति मांस, मछली, अंडा आदि खाते हैं,
या शराब पीते हैं या कोई ऐसा बाजार में बिकने वाला सामान खाते या इस्तेमाल करते हैं जिसमे जैविक पदार्थों की मिलावट के आसार होते हैं (जैसे – सादा पान मसाला, कत्था, चाकलेट, टॉफी, पिज्जा, बर्गर, नूडल्स, चिप्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स, लिपस्टिक, डीयो, परफ्यूम आदि), वे लोग जब कभी भी इन अदृश्य नकारात्मक शक्तियों के सम्पर्क में आते हैं तो नकारात्मक शक्तियों के उनके शरीर में प्रवेश करने की सम्भावना, सात्विक और शाकाहारी लोगों की तुलना में ज्यादा होती है क्योंकि इन भूत प्रेत जैसी नकारात्मक शक्तियों को तामसिक खाना और तामसिक व्यवहार आकर्षित करता है ! ये भूत प्रेत, विशुद्ध तामसिक प्राणी होते हैं
ज्योतिष में विवाह के सुख को सातवें और दूसरे घर से मुख्य रूप से देखा जाता है l इसके साथ चतुर्थ भाव से घर की सुख- शांति और समस्याओं को भी देखा जाता है विवाह के कारक ग्रह शुक्र के साथ गुरु का भी विशेष महत्व है | शुक्र को ज्योतिष शस्त्र में भोग, कला और सौंदर्य का कारक ग्रह माना जाता है | शुक्र यदि कुंडली में शुभ ग्रहों से दृष्ट हो या उससे केंद्र-त्रिकोण में शुभ ग्रह हों तो जातक को विवाह का अच्छा सुख प्राप्त होता है वहीं गुरु विवेक , सम्पन्नता और संतान का कारक ग्रह है | किन्तु शुक्र पर यदि पाप ग्रहों जैसे शनि , मंगल, राहु या केतु इत्यादि का प्रभाव हो तो दांपत्य सुख का आभाव रहता है,जिसका कारण विवाह-इतर (extra-marital) सम्बन्ध भी हो सकते हैं |
प्रेम विवाह
कुंडली में गुरु का प्रभाव यदि पंचम , सप्तम और चतुर्थ भाव या इन भावों के स्वामियों पर हो तो जातक को संतान, जीवन -साथी और मकान का सुख मिलाता है l किन्तु यदि विवाह से सम्बंधित उपरोक्त योगों में अच्छे और बुरे दोनों योग कुंडली में बने हुए हैं, पर साथ ही सप्तम भाव पर गुरु की दृष्टि पड़ रही है तब तनाव के होने पर भी विवाह में सम्बन्ध विछेद (divorce) नहीं होता l ।
गड़ा धन जांचने
रावण और वाराह संहिता के अनुसार अगर आपके भाग्य में गड़ा धन मिलना लिखा है तो आपको सपना आएगा। इस सपने में जिस स्थान पर धन गड़ा हुआ है वहां सफेद नाग दिखाई देगा। ऐसी संभावना होती है कि आपके पितरों ने सफेद नाग के रुप में दर्शन देकर उस जगह का पता बताया है जहां उन्होने आपके लिए धन गाड़ कर रखा होगा। ये सफेद नाग रुपी पितर उस खजाने की रक्षा करते रहते हैं। इसके अलावा अगर आपको सपने में कमल का फूल दिखे या आप कमल के पत्ते पर स्वयं को भोजन करते देखें तो ये भी इस बात का संकेत है कि आपको भविष्य में कहीं से गड़ा धन मिल सकता है। सपने में अगर आपको पुराना मंदिर, आभूषण से भरा बॉक्स, शंख और कलश जैसी चीजें दिखें तब भी समझें कि आपके भाग्य में अचानक कहीं से पैतृक संपत्ति मिलने के योग हैं।
पहले तंत्र शास्त्र से कई तरह के रहस्य से पर्दा उठाया जाता था। तंत्र शास्त्र में गड़ा धन होने के संकेत कुछ इस तरह दिये गये हैं- -जिस ज़मीन में कई पेड़ हों और एक ही पेड़ पर ज़्यादा पक्षी बैठते हों वहां गड़ा धन होने की संभावना -जहां बारिश होने पर पानी वाली जगह पर घास न उगती हो लेकिन गर्मी के मौसम में धूप में भी घास उगती हो वहां ज़मीन के अंदर संपत्ति की संभावना -जहां सांप, नेवले या गिरगट निकलते हों या उनके बिल हों वहां भी गड़ा धन होने की आशंका -जहां पौधे प्राकृतिक कद से ऊंचे हों वहां भी गड़ी संपत्ति मिलने की संभावना रहती है
अक्सर देखने को मिलता है कि लोग अपने रोजगार में दिन-रात परिश्रम करते हैं, परंतु निरंतर हानि ही होती जाती है। लाभ नहीं होता। इससे वह व्यक्ति निराश हो जाता है। यदि इस प्रकार के व्यक्ति निम्र उपायों में से कोई भी उपाय करें तो उनके व्यापार में वृद्धि होकर आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।यदि किसी के व्यवसाय में हानि हो रही हो, तो शुक्ल पक्ष के बुधवार को व्यवसाय स्थल पर लाल रेशमी कपड़े पर गणेश शंख स्थापित करें। शंख में गाय का दूध व जल भर कर उसके आधे से आचमन कर और आधा अपने व्यवसाय स्थल पर छिड़कें। शंख को स्थापित करने से पूर्व उसे शुद्ध कर उसाक रोली-कुमकुम से तिलक करें। फिर लडडू का भोग चढ़ाएं। श्रद्धापूर्वक यह उपाय करने पर बंद उद्योग भी शीघ्र चालू हो जाते हैं
व्यापार व्यवसाय में हानि
और जो घाटे में चल रहे होते हैं| वे लाभ देने लगते हैं। बंद पड़े कारखानों को फिर से चालू करने के लिए यह टोटका सर्वोत्तम है। गणेश शंख को जिस ओर से भी देखें उसमें गणपति के दर्शन होने की अनुभूति होती है। यह शंख जहां स्थापित हो उस स्थान पर कोई संकट नहीं आता और शत्रु भी मित्र बन जाता है।